तेज आवाज के साथ अंधेरा छा गया, आंख खुली तो सामने मौत थी

तेज आवाज के साथ अंधेरा छा गया, आंख खुली तो सामने मौत थी

रायसेन/भोपाल बुधवार रात एक बजे इंदौर से छतरपुर जा रही बस रीछन नदी में गिरने से 7 लोगों की मौत हो गई। 18 लोग घायल हैं। गंभीर रूप से घायल 9 लोगों का भोपाल में इलाज चल रहा है। सागर के 62 वर्षीय मनऊ सोनी का पता गुरुवार देर शाम तक नहीं चला। गुरुवार सुबह स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी और पूर्व वन मंत्री गौरीशंकर शेजवार घायलों को देखने अस्पताल पहुंचे। सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए देने की घोषणा की है। घायलों का कहना है कि ड्राइवर शुरुआत से ही अजीब तरीके से बस चला रहा था। टोकने पर भी नहीं माना। कुछ देर बाद आंख खुली तो मौत सामने थी।

चश्मदीदों ने बताया... घुप्प अंधेरे में चीख- पुकार मची थी, बस भगवान ने बचा लिया

मैं इंदौर से छतरपुर जाने के लिए बस में बैठा था। रात में करीब एक बजे सभी यात्री गहरी नींद में थे। अचानक जोरदार झटके के साथ आंख खुली तो मौत सामने थी। चारों तरफ अंधेरा था। एक दूसरे के ऊपर गिरते-पड़ते लोगों में चीख पुकार मची थी। कुछ लोग बस की खिड़कियों से बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। मैं भी किसी तरह पानी से बाहर आया। करीब 25 मिनट बाद पुलिस आई और जिला अस्पताल ले गई। मुझे वहां से भोपाल रेफर कर दिया गया। जिस तरह हादसा हुआ, उसमें बचना बिल्कुल मुश्किल था। बस भगवान ने बचा लिया। (जैसा बस सवार कड़पा, छतरपुर निवासी रामअवतार ने बताया)