मशीन ने नकारी अंगूठे की पहचान, तो जाएगी नौकरी

मशीन ने नकारी अंगूठे की पहचान, तो जाएगी नौकरी

इंदौर।    कर्मचारियों के अंगूठा निशानी नहीं आने की समीक्षा मंगलवार को निगमायुक्त आशीषसिंह करेंगे। निगम में बायोमैट्रिक तीन दिन से खराब होने से सैकड़ों कर्मचारी रोज परेशान हो रहे थे। सोमवार को जब निगमायुक्त को परेशानी की जानकारी मिली तो उन्होंने जांच की बात कर कर्मचारियों को जीवनदान दे दिया। 15 अप्रैल से कर्मचारियों को वेतन बायोमैट्रिक अटेंडेंस से मिलेगा। कर्मचारी अंगूठा नहीं लगा पाए तो उन्हें नौकरी से हाथ भी धोना पड़ सकता है। तीखे तेवर के अख्यितार करने से कर्मचारियों में भय का वातावरण बन गया। विभाग की मशीन खराब होने पर दूसरे विभाग जाकर हाजिरी लगाना शुरू कर दिया। निगमायुक्त को यह नागवार गुजरा। उन्होंने कहा, कर्मचारी विभाग में ही बायोमैट्रिक का उपयोग करे। बाहरी विभागों में लगाई हाजिरी मान्य नहीं होगी।

जीपीएस घड़ी को टांगा

कर्मचारियों की लोकेशन जानने निगमायुक्त ने पिछले दिनों जीपीएस लगी हाथ घड़ी दी थी। कर्मचारी की दिनभर की सारी गतिविधियों की जानकारी हासिल करने घड़ी कारगर साबित हो रही है। निगम में कुछ देर नौकरी कर घर चले जाने वाले कर्मचारियों के लिए घड़ी मुश्किल का कारण बनने लगी थी। इससे बचने के लिए अब कर्मचारी विभाग में कहीं भी घड़ी रखकर चला जाता है। अधिकारी को लोकेशन संबंधित विभाग की मिलती है। यह सिलसिला कई दिनों से चल रहा है।

निगमायुक्त ने कर्मचारियों को दी राहत

पिछले तीन-चार दिन से बायोमैट्रिक मशीन खराब पड़ी है। वरिष्ठ अधिकारियों तक शिकायत पहुंच गई, मगर किसी ने भी मशीन सुधारने में रुचि नहीं दिखाई। हाजिरी नहीं लगने से परेशान कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल एआईसीटीएसएल में निगमायुक्त आशीषसिंह से मिला और उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया। सिंह ने मातहत अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि मशीन खराब थी तो जानकारी छुपाई क्यों गई। कर्मचारियों को राहत देते हुए कहा कि आज मशीन की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद उचित निर्णय लिया जाएगा।