आतंकवाद से जुड़े केस भी अदालतें सामान्य आपराधिक मामलों की तरह लेती हैं : डोभाल

आतंकवाद से जुड़े केस भी अदालतें सामान्य आपराधिक मामलों की तरह लेती हैं : डोभाल

नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने सोमवार को आतंकवादी मामलों में अदालतों की भूमिका पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अदालतें आतंकवाद से जुड़े केस भी सामान्य आपराधिक मामलों की तरह लेती हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि आतंकवाद के मामलों में सामान्य केस जैसे चश्मदीद गवाह जुटाना संभव नहीं है। राज्यों के आतंकरोधी दस्तों के प्रमुखों की दो दिवसीय बैठक के उद्घाटन अवसर पर डोभाल ने कहा कि हमलों को अंजाम देने वाले आतंकियों तक आधुनिक प्रौद्योगिकी की पहुंच के कारण उनके खिलाफ सुबूत जुटा पाना बेहद कठिन और मुश्किल काम होता है, लेकिन ऐसे मामलों में आतंकियों के प्रति अदालतों का व्यवहार सामान्य मामलों की तरह होता है। उन्होंने कहा, वे (अदालतें) वहीं बेंचमार्क और मानक अपनाती हैं। केस तैयार करने के लिए आपको गवाहों की जरूरत होती है। आतंकी मामलों में आप गवाह कहां से लाएंगे।

दक्षिणी राज्यों में पैठ बढ़ा रहा जेएमबी

इस मौके पर एनआईए के महानिदेशक वाईसी मोदी ने बताया कि जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) भारत के दक्षिणी राज्यों में पैठ बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। बेंगलुरु से पिछले दिनों जेएमबी आतंकियों की गिरμतारी इसका सुबूत है। वहीं, एनआईए के महानिरीक्षक आलोक मित्तल ने भारत में इस्लामिक स्टेट (आइएस) को रोकने में किए गए प्रयासों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि भारत में अभी तक आईएस के कुल 127 आतंकियों को गिरμतार किया गया है, जबकि 125 संदिग्धों की सूची को राज्यों के साथ साझा किया है।

आतंकी फंडिंग को लेकर दबाव में पाकिस्तान

पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने साफ किया कि भारत किसी देश के खिलाफ नहीं है, लेकिन आतंकी फंडिंग पर जो सुबूत हैं, उसे दुनिया के सामने रखना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि एफएटीएफ की निगरानी के बाद पाकिस्तान आतंकी फंडिंग को लेकर जितना दबाव में है, पहले कभी नहीं था। डोभाल ने कहा कि आतंकवाद पाकिस्तान सरकार की आधिकारिक नीति है और इसीलिए इससे निपटना इतना आसान नहीं होगा। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने के बाद इमरान खान के जिहाद के आह्वान की ओर इशारा करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अब आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई अहम चरण में पहुंच गई है। इससे निपटने के लिए सभी एजेंसियों को एकजुट होकर काम करना होगा।