सफाई कर्मचारी उग्र, जेसीबी-सीवर सेक्शन मशीन की निकाली हवा, तोड़े टिपर वाहन

सफाई कर्मचारी उग्र, जेसीबी-सीवर सेक्शन मशीन की निकाली हवा, तोड़े टिपर वाहन

ग्वालियर ।    बीते 7 दिन से अपने वेतन देने व दैनिक वेतन भोगी बनाने की मांग को लेकर जारी अनदेखी का शिकार आउटसोर्स कर्मचारी उग्र हो गए हंै। यहीं कारण है कि सफाई व्यवस्था करने वाले कर्मचारियों ने कचरा उठाने वाली जेसीबी-सीवर सेक्शन मशीन की हवा निकाल टिपर वाहनों में तोड़फोड़ कर दी, तो बाजारों व कॉलोनियों में सफाई कार्य करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों को खदेड़ दिया। सोमवार को सुबह कलेक्ट्रेट आॅफिस के क्षेत्रीय कार्यालय क्रमांक 14 में 60-70 बाइक सवार आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों ने सड़क पर आकर विरोध करते दिखे। जिसके चलते उन्होंने वार्ड क्रमांक 60 व 29 क्षेत्र में सफाई के लिए निकली जेसीबी मशीन के पहिए की राजमाता चौराहे पर, तो दर्पण कॉलोनी सीवर सेक्शन मशीन व कार्यशाला के बाहर डम्फर की हवा निकाल दी। कार्यशाला से टिपर वाहन न निकलने देने की जद्दोजहद के बीच सीवर सेक्शन मशीन के हेल्पर राजेन्द्र के सिर में गेट मारकर उसे घायल कर दिया। इसके बाद विरोध कर रहे आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों ने कचरा उठाने के काम में लगे टिपर वाहनों के शीशो की तोड़फोड़ कर सड़क व सीवर सफाई के काम में लगी ठेकेदार के प्रायवेक कर्मचारियों को भी मारपीट का भय दिखाकर मौके से खदेड़ दिया।

प्लानिंग हुई फेल, पुलिस की लेंगे मदद

आउटसोर्स कर्मचारियों के विरोध का नेतृत्व करने वालों की तलाश में निगम अपर आयुक्त आरके श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति बन गई है। क्योंकि 60-70 बाइक सवारों के विरोध कर निगम संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे है। स्थिति विपरीत देख पुलिस बल की मदद लेने के प्रस्ताव पर निगमायुक्त से सहमति लेने की तैयारी है।

सभी डब्ल्यूएचओ को जारी किए नोटिस

आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन बनने के लिए हाजिरी पहुंचाने वाले सारे डब्ल्यूएचओ को निगम अधिकारियों ने नोटिस जारी कर दिए गए है। हालांकि ठेकेदारी फर्म से जुलाई तक का वेतन देने के बाद सितंबर का भी वेतन देने की तैयारी है।

टीम आने से पहले ध्वस्त हुई सफाई व्यवस्था

स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 अभियान के लिए ओडीएफ प्लस व स्टॉर रैकिंग की टीम शहर में अगले सप्ताह दस्तक देने को है। लेकिन उससे पहले सफाई व्यवस्था सफाले आउटसोर्स कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से शहर के मुख्य बाजारों से लेकर गली-मोहल्लो व कॉलोनियों में जगह-जगह फैला कचरा बीते 7 दिनों से उठ नहीं पा रहा है। जिससे स्वच्छता अभियान में जुड़े अधिकारियों के सामने जबरदस्त परेशानी बढ़ गई है।