खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी मनोध्या को चार साल की सजा

खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी मनोध्या को चार साल की सजा

जबलपुर ।  खेल और युवा कल्याण अधिकारी जबलपुर को लोकायुक्त की विशेष अदालत ने रिश्वत के मामले में दोषी करार देते हुए चार साल की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी खेल अधिकारी राजेश मनोध्या पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए जेल भेजने के आदेश दिये हैं। अदालत को लोकायुक्त की ओर से बताया गया कि शिकायतकर्ता नैंसी जैन ग्रामीण युवा समन्वय शहपुरा निवासी राइट टाउन जबलपुर द्वारा 16 अक्टूबर 2018 को पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त जबलपुर को शिकायत की गई कि उसके द्वारा 30 अगस्त18 को पिपरिया कला विकासखंड शहपुरा में मुख्यमंत्री कप खेल कूद प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया था। शासन से प्रतियोगिता हेतु खेल अधिकारी जबलपुर के माध्यम से 36 हजार रुपए की राशि मिलती है। आरोपी खेल अधिकारी द्वारा 16 हजार रुपये की प्रथम किश्त प्रदान की जा चुकी थी । प्रतियोगिता पूर्ण होने पर बिल जमा करने के बाद शेष किश्त हेतु वह आरोपी से मिली तो आरोपी ने 20 हजार का चेक देकर पारितोषिक स्वरूप 10 हजार की मांग की।

टीम ने पकड़ा था रिश्वत लेते

पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त के आदेश पर गठित लोकायुक्त दल के द्वारा कार्यवाही करते हुये आरोपी को 17 अक्टूबर 18 को आरोपी के रानीताल खेल परिसर स्थित कार्यालय खेल एवं युवा कल्याण में 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया था। सुनवाई के दौरान पेश किये गये गवाह व साक्ष्यों को मद्देनजर रखते हुए अदालत ने उक्त सजा सुनाई। लोकायुक्त की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रशांत शुक्ला ने पक्ष रखा।