नवरात्रि जीवन में परिपक्वता लाती है : गहलोत

नवरात्रि जीवन में परिपक्वता लाती है : गहलोत

इंदौर ।   केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने कहा कि नवरात्रि महोत्सव त्याग, तपस्या और आराधना के पर्व के रूप में मनाया जाता है। मां की भक्ति के साथ जीवन में परिपक्वता लाने वाले इस पर्व को राष्टÑसंत वसंत विजय मसा की निश्रा में मनाया जाता है। यहां फूटी कोठी स्थित श्रीजी वाटिका में गहलोत ने पंडाल में 13 फीट की माता पद्मावती, 9-9 फीट की माता लक्ष्मी, मां सरस्वती की प्रतिमाओं के समक्ष शीश नवाया। इस अवसर पर सांसद शंकर लालवानी भी मौजूद थे। संतश्री ने कहा कि राजनेताओं की धार्मिक आयोजनों में भागीदारी उनकी आध्यात्मिक शक्ति को मजबूत करती है, धर्म के प्रति निष्ठावान भी बनाती है। इस मौके पर लालवानी ने कहा कि निश्चित ही इंदौरवासियों के प्रेम की वजह से वे विजयी हुए हैं, मगर रिकॉर्ड मतों से चमत्कारिक जीत का श्रेय राष्टसंत वसंत विजयजी को ही है। लालवानी ने यह भी कहा कि संतश्री की निश्रा में लोगों को आध्यात्मिक बनने तथा भक्ति का अवसर मिल रहा है। गहलोत का संतश्री की निश्रा में श्री नवरात्रि देवी आराधना भक्ति महामहोत्सव के पदाधिकारियों ने सम्मान किया। इससे पूर्व भक्ति संध्या में मशहूर गायक दलेर मेहंदी ने भक्तिमयी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। आज रात 8 बजे संतश्री के सान्निध्य में पहली बार यहां विजयदशमी पर माता-पिता की पादप्रक्षालन पूजा का कार्यक्रम होगा।

सांस्कृतिक विरासत से ही समृद्धि का आकलन संभव

इंदौर। किसी भी जनसमुदाय की विशेषता अथवा उसकी समृद्धि का आकलन उसकी सांस्कृतिक विरासत से ही किया जा सकता है और भारत की अनेकता में एकता का सजीव उदाहरण यह विशेष पर्व दर्शा रहा है। जहां मां अंबे की आराधना में लीन भक्ति में गरबा करते हर वर्ग समुदाय को देखा जा सकता है। उक्त विचार रेसकोर्स रोड नवदुर्गा मंडल द्वारा पिछले 45 वर्षों से सतत गरबा महोत्सव रास उल्लास का आयोजन में मुख्य अतिथियों द्वारा रखे गए। भारतीय संस्कृति और परंपरा के निर्बाध प्रयासों की सराहना करते हुए संस्कृति मंत्रालय के सदस्य डॉ. भरत शर्मा ने प्रशस्ति पत्र देते हुए भविष्य में भी भारतीय संस्कृति, परंपरा के संवर्धन, संरक्षण व चेतना जाग्रत करने के ऐसे आयोजन करते रहें, ऐसी शुभकामनाएं प्रेषित की। उक्त कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के राष्टÑीय अध्यक्ष वीएस कोकजे, समाजसेवी अनिल भंडारी, दिलीप जैन, आयोजक राजेंद्र सुराना, शेखर भंडारी, जयेश शाह व शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

श्री श्रीविद्याधाम पर महायज्ञ की पूर्णाहुति

इंदौर। श्रीविद्याधाम पर नवरात्रि अनुष्ठान में स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के सान्निध्य में अनुष्ठानों का समापन हुआ। इसमें सग्रहमख सहस्त्रचंडी महायज्ञ में आहुतियां दी गई। नवरात्रि में यहां 11 लाख आहुतियां समर्पित कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की गई। संध्या को कन्या एवं सौभाग्यवती पूजन किया गया। 108 दीपों से महाआरती में शामिल होने के लिए भक्तों का मेला उमड़ पड़ा। महायज्ञ में हलवा, मालपुआ, खीरान, त्रिमधु, पंचमेवा, गन्ना, पान एवं साकल्य की आहुतियां दी गर्इं। देवी सूक्त एवं श्रीसूक्त के मंत्रों से आहुतियां दी गई। संध्या को सौभाग्यवती एवं कन्या पूजन, कन्या भोज भी हुआ। 8 अक्टूबर को शमी पूजन के साथ दशहरा मनाया जाएगा।