गांव की सेहत सुधारने निवेशकों को लुभाएगी कमलनाथ सरकार

गांव की सेहत सुधारने निवेशकों को लुभाएगी कमलनाथ सरकार

भोपाल ।  दस महीने पहले सत्ता में प्रदेश की कमल नाथ हार्टिकल्चर के क्षेत्र में गांवों की सेहत सुधारने के लिए अब निवेशकों को आकर्षित करने जा रही है। 18 अक्टूबर को इंदौर में होने जा रही पहली ग्लोबल समिट मैग्निफिसेंट में देश-विदेश से आने वाले देशी-विदेशी निवेशकों को सरकार यह बताएगी कि मप्र में इस क्षेत्र में निवेश करने से उन्हें क्या फायदा होगा। सरकार उन्हें अपनी फूड प्रोसेसिंग यूनिट डालने के लिए कई तरह की सब्सिडी देने के साथ ही सरकारी सुविधाएं भी मुहैया कराएगी। असल में राज्य सरकार का मानना है कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग न केवल कृषि एवं उद्योग जगत के बीच पुल का काम कर सकता है बल्कि किसान परिवारों के लिए यह कृषि से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से अतिरिक्त आय और रोजगार पाने का जरिया भी बन सकता है। सरकार का मानना है कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का समुचित विकास न केवल कृषि से संबद्ध नए रोजगार तैयार करता है । उत्पादन में अव्वल होने का लाभ: मध्यप्रदेश तिलहन और दलहन फसलों के अलावा संतरा, टमाटर, लहसुन आदि फसलों के उत्पादन के क्षेत्र में देश में अग्रणी स्थान रखता है। वहीं, खाद्यान्न उत्पादन के अलावा हरी मटर, प्याज, हरी मिर्च और अमरूद के उत्पादन के क्षेत्र में भी वह देश के शीर्ष प्रांतों में शुमार है। संतरे की खेती के लिए मशहूर छिंदवाड़ा, आगर-मालवा, शाजापुर, बैतूल आदि जिलों में जूस, जैम, स्कावश, सीरप, परफूम आदि के संयंत्र स्थापित किये जा सकते हैं। आम की बेहतर फसल वाले इलाकों में इससे जुड़ी यूनिट लगाई जा सकती है।

यह होगा लाभ

प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों का नेटवर्क स्थापित होने से ऐसे कई लाभ होंगे। उदाहरण के लिए उद्योगों का संचालन राज्य की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करेगा, बड़े पैमाने पर राज्य के लोगों को रोजगार प्रदान करेगा, किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा, जल्द खराब होने वाली फसलों खराब नहीं होगी।

निवेश रोजगार में बढ़ोतरी

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग किसानों और उद्योग जगत के बीच एक ऐसा संबंध कायम करेगा जिसकी जरूरत दशकों से महसूस की जा रही है। उद्योगों की स्थापना में निजी निवेश की महत्वपूर्ण भूमिका है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से कृषि उपजों का जो मूल्यवर्धन होगा वह निजी क्षेत्र के लिए भी आकर्षक है।