फ्रांस के मेरिनेक बेस पर शस्त्र पूजा; देश को विजयादशमी पर मिला पहला राफेल

फ्रांस के मेरिनेक बेस पर शस्त्र पूजा; देश को विजयादशमी पर मिला पहला राफेल

पेरिस। फ्रांस ने मंगलवार को मेरिनेक एयरबेस पर भारत को पहला राफेल फाइटर जेट सौंपा। हैंडिंग ओवर सेरेमनी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, फ्रांस की रक्षा मंत्री μलोरेंस पार्ले और दैसो एविएशन के सीईओ एरिक ट्रैपिए मौजूद थे। सेरेमनी में राजनाथ ने कहा- राफेल का अर्थ आंधी होता है, मुझे उम्मीद है कि यह अपने नाम को साबित करेगा। भारत-फ्रांस के बीच हुए 59,000 करोड़ रुपए के राफेल सौदे और एयरक्राμट की खूबियों को लेकर एक वीडियो प्रेजेंटेशन भी दिया गया। राजनाथ ने एयरबेस पर ही राफेल में लगे हथियारों की पूजा भी की। राजनाथ ने राफेल में करीब 35 मिनट तक उड़ान भरी। इससे पहले राजनाथ ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से भी मुलाकात की। 

3 दिवसीय दौरे पर राजनाथ

राजनाथ तीन दिन के दौरे पर फ्रांस में हैं। उन्होंने सोमवार को ट्विटर पर कहा था कि भारत फ्रांस के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए उत्सुक हैं। हाल के वर्षों में भारत- फ्रांस के द्विपक्षीय संबंधों में मजबूती आई है। दोनों देशों के रिश्ते को और गहरा करना है। 

हमारा फोकस वायुसेना की ताकत बढ़ाने पर

आज विजयादशमी है और भारतीय वायुसेना दिवस है। आज का दिन प्रतीकात्मक है। राफेल एयरक्राμट की डिलिवरी निर्धारित समय से हो रही है और यह वायुसेना की शक्ति में वृद्धि होगी। हमारा फोकस वायुसेना को समृद्ध करने और उसे बढ़ाने पर है। उम्मीद है कि फ्रांस द्वारा सभी 36 राफेल और वेपन सिस्टम की डिलिवरी समयसीमा के भीतर की जाएगी। 

चीफ के नाम पर टेल नंबर

भारत को मिलने वाले पहले राफेल का नाम वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया के नाम पर "आरबी 001" रखा जाएगा। भदौरिया ने ही राफेल सौदे में अहम भूमिका निभाई है। 

2016 में डील हुई थी डील

भारत और फ्रांस की सरकार के बीच सितंबर 2016 में हुई थी। इसमें वायुसेना को 36 अत्याधुनिक लड़ाकू विमान मिलेंगे। यह सौदा 7.8 करोड़ यूरो (करीब 58,000 करोड़ रुपए) का है। कांग्रेस का दावा है कि यूपीए सरकार के दौरान एक राफेल फाइटर जेट की कीमत 600 करोड़ रुपए तय की गई थी। मोदी सरकार के दौरान एक राफेल करीब 1600 करोड़ रुपए का पड़ेगा। भारत अपनी सीमा पर वायुसेना की क्षमता बढ़ाने के लिए राफेल ले रहा है।